यिर्मयाह 6:22

यहोवा यों कहता है, देखो, उत्तर से वरन पृथ्वी की छोर से एक बड़ी जाति के लोग इस देश के विरोध में उभारे जाएंगे।

प्रसंग सहित पढ़ें · यिर्मयाह 6

20मेरे लिये जो लोबान शबा से, और सुगन्धित नरकट जो दूर देश से आता है, इसका क्या प्रयोजन है? तुम्हारे होमबलियों से मैं प्रसन्न नहीं हूँ, और न तुम्हारे मेलबलि मुझे मीठे लगते हैं।

21इस कारण यहोवा ने यों कहा है, देखो, मैं इस प्रजा के आगे ठोकर खाऊंगा, और बाप और बेटा, पड़ोसी और मित्रा, सब के सब ठोकर खाकर नाश होंगे।

22यहोवा यों कहता है, देखो, उत्तर से वरन पृथ्वी की छोर से एक बड़ी जाति के लोग इस देश के विरोध में उभारे जाएंगे।

23वे धनुष और बछ धारण किए हुए आएंगे, वे क्रूर और निर्दय हैं, और जब वे बोलते हैं तब मानो समुद्र गरजता है; वे घोड़ों पर चढ़े हुए आएंगे, हे सिरयोन, वे वीर की नाई सशस्त्रा होकर तुझ पर चढ़ाई करेंगे।

24इसका समाचार सुनते ही हमारे हाथ ढीले पड़ गए हैं; हम संकट में पड़े हैं; जच्चा की सी पीड़ा हम को उठी है।

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