जो तुम छिपकर पक्षपात करो, तो वह निश्चय तुम को डांटेगा।
8क्या तुम उसका पक्षपात करोगे? और ईश्वर के लिये मुक मा चलाओगे।
10जो तुम छिपकर पक्षपात करो, तो वह निश्चय तुम को डांटेगा।
11क्या तुम उसके माहात्म्य से भय न खाओगे? क्या उसका डर तुम्हारे मन में न समाएगा?
12तुम्हारे स्मरणयोग्य नीतिवचन राख के समान हैं; तुम्हारे कोट मिट्टी ही के ठहरे हैंे
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